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Tuesday, March 17, 2026

कितना कमाऊँ?

 एक ही सवाल है ज़ेहन में, पूछने के लिये 

कितना कमाऊँ, ख़ाली हाथ जाने के लिये?

…..

सिकन्दर को जाना था जीतने के लिये 

दुनियाँ, गया अरस्तू से मिलने के लिये।

अरस्तू ने दुआयें दीं उसके भले के लिये 

भेजा…डायोज़िनीज़ से मिलने के लिये।

….

डायोज़नीज़ ने पूछा कहाँ को चल दिये 

सिकन्दर ने कहा, दुनियाँ जीतने के लिये।

अच्छा दुनियाँ जीतोगे, मगर किसके लिये 

सोचा नहीं…शायद आराम करने के लिये।

अरे अरे इतनी मेहनत करोगे..इस के लिये 

आजा आजा मेरी झोंपड़ी है…इस के लिये!

….

दुनियाँ जीत ली, जा रहा हूँ, ख़ाली हाथ लिये 

डायोज़िनीज़ तुमने सही पूछा था, किसके लिये।

…..

जो सिकन्दर ने कहा उस दिन, सही है मेरे लिये 

मुझे जवाब मिल गया मन पसन्द आज मेरे लिये।


ओम शान्ति:

अजित सम्बोधि 

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