Wednesday, April 15, 2026
Outer bombardment vs Anandamide!
Tuesday, April 14, 2026
जंगोजहद या महावीर और लालदेद ?
Sunday, April 12, 2026
जंगबाज़ या बल्लेबाज़?
हम जंगबाज़, जंगबाज़ी हमारा इक़राम है
जंगआज़माई से ही तो मिलता एहतराम है
जब तक न जंग हो, हमें मिलता नहीं चैन है
धरती सुधार दी अब चाँद अगला मुक़ाम है।
देखिए कोई जंगबाज़ हो या कि कबूतरबाज़
चाहे वो तीरंदाज़ हो या फिर बड़ा तीतरबाज़
ये बाज़ियाँ जानलेवा हैं कैसे करें नज़रअंदाज़?
कोई समझाये कि क्यों नहीं बनते पतंगबाज़?
बाज़ी पसंदगी है तो बन जाइये दिल्लग़ीबाज़
या तमाशेबाज़ , या जल्दबाज़ी का कलाबाज़
हेकड़ीबाज़ मत बनिये, बड़ी नुकसानदायक है
नाम कमाना चाहते हैं तो बन जाइये बल्लेबाज़!
जंगबाज़ = लड़ाका।इकराम = इनाम।
एहतराम = आदर।मुक़ाम = पड़ाव।
नज़रअंदाज़ = जिस पर ध्यान न दिया गया।
ओम शान्ति:
अजित सम्बोधि
Thursday, April 9, 2026
नाचना
Tuesday, April 7, 2026
Happy birthday Alok!
Wish you a happy birthday Alok!
You’re light, you know well Alok.
Yours is daylight, called Divalok
No one can live sans light, Alok!
There’s a cousin of Divalok, Alok
It’s divine, and is named Chidalok.
Few people aspire to reach out to it
It is as variegated as Divalok, Alok.
Both the lights derive from Maharlok
They’re like two sides of a coin, Alok
As Divalok covers the physical aspect
Chidalok woos the metaphysical, Alok!
Thanks Alok for your meaningful name
Which took me along and started a game!
I played and played while lolling around
Bidding happy birthday was my only aim!
Happy Birthday!
Ajit Sambodhi
Wednesday, April 1, 2026
चैत्र पूनम
मैं अभी देख रहा हूँ आसमान को
घुमड़ती घटाओं के करिश्मों को
उनमें डूबते हुए अथक दिनकर को
और उभरते हुए सम्पूर्ण चन्द्रमा को!
हाँ आज पूर्णिमा का चाँद निकला है
गोल थाल जैसा बड़ा चाँद निकला है
आख़िर प्रथम माह चैत्र का चाँद जो है
अंजनि पुत्र हनुमान के लिए निकला है!
आज संकटमोचन हनुमान का जन्मदिन है
आज बजरंगबली कपीश्वर का जन्मदिन है
हाँ आज लक्ष्मणप्राणदाता का जन्मदिन है
आज सीताशोकविनाशक का जन्मदिन है!
केसरीनंदन महाबली हनुमान के चरणों में नतमस्तक
अजित सम्बोधि
Monday, March 30, 2026
पचपन वर्ष पूर्व
बच्चे परिंदों की तरह उड़ जाते हैं बड़े होने पर
कुछ यादें छोड़ जाते हैं, याद करने को उम्र भर
जया, मुझे याद है पचपन वर्ष पूर्व का वो दिन
जब तुम्हें देखा था पहली बार अपने अंक में भर।
सूरज की पहली पहली किरण तुम्हें छू रही थी
चाँदनी उचक उचक के तुमको पुचकार रही थी
तुम अपनी माँ की गोदी में दुबक के सो रही थीं
कभी मुस्कुरा देती थीं मानो सपना देख रही थीं।
मैं बीते हुए लमहों को याद कर कर रोता नहीं हूँ
मैं उनको याद कर के ज़ोरों से हँसता भी नहीं हूँ
ये यादें तो ज़िंदगी भर की अमानत हुआ करती हैं
इसलिए मैं इन्हें याद कर कर के जिया करता हूँ।
तुम्हें बिटिया आज मुबारक हो तुम्हारा ये जन्म दिन
मैं ख़ुशनसीब हूँ देख पा रहा हूँ तुम्हारा ये जन्म दिन
रब से इल्तिज़ा है बख़्शा करे इसी मानिंद जन्म दिन
ताकि तुम मनाती रहो ख़ुश ख़ुश अपना ये जन्म दिन!
परिंदों/परिंदे = birds. अंक = गोद।
लमहों/लमहे = moments.अमानत = धरोहर।
रब = ख़ुदा।इल्तिज़ा = दुआ।मानिंद = मुताबिक।
राधे रानी की कृपा बनी रहे तुम पर सदा
पापा
