Saturday, March 7, 2026
जाऊँ कहाँ?
Wednesday, March 4, 2026
होली 2026
जब जब भी आता है ये बद्र ए कामिल
बहुत ख़ुशी हो जाती है हमको हासिल
कल ख़ुसूफ़ था कई जगहों पर , मगर
हमको बद्र देखना हो गया था हासिल।
आज तोहफ़े में मिली है खेलने की होली
साल में एक बार मिलती है ये हमजोली
चाह कर भी हम छुपा न पायेंगे ख़ुद को
ढूँढ ही लेगी हमको आज कोई तो टोली।
फ़िर होगा सिलसिला शुरू गले मिलने का
साथ में रंगीन गुलाल चेहरों पर लपेटने का
थोड़ी सी देर में नज़र आयेंगे हम नए रंग में
जब चढ़ जाएगा हम पर ख़ुमार, अबीर का।
ये होली का त्योहार है दिलों को पास लाने को
अरसे से रूँठे हुए दिलों को फ़िर से मिलाने को
जो चेहरे बारूद बन कर बरसने को तैयार बैठे
उन चेहरों पर फिर मुस्कुराहटें वापस लाने को।
सब को मुबारक हो आज की होली की ये रंगत
आजा ओ मेरे मेहरबान बैठ जाओ बना के पंगत
सुनाओ एक एक करके अपनी पसन्द का गाना
ताकि याद रहे कभी जुटी थी एक सुरीली संगत!
बद्र ए कामिल = पूर्णिमा का पूरा चाँद।
ख़ुसूफ़ = चंद्रग्रहण।बद्र = पूनम।
अबीर = ख़ुशबूदार रंग।
सबको होली की हार्दिक शुभकामनाएँ
अजित सम्बोधि
Tuesday, March 3, 2026
Holi 2026
It’s all about how to celebrate Holi
Legend has it, it’s about being holy
Holi is a markedly popular festival
It’s a playful way of becoming jolly.
People use colours and paints deftly
So as to carve out designs amicably
But in Holi, our aim is to get giggles
Holi festival harnesses joy intensely!
We apply colour to each other’s face
Then nobody can recognise any face
Becoming nobodies we merge in One
Skylarking works as promise of grace!
So let’s play Holi, it’s tremendous fun
Invite everyone to join, it harms none
In this era of bombs, shrieks and death
Let it be a catalyst of joy for everyone!
Wishing Everyone A Happy Holi
Ajit Sambodhi
Tuesday, February 24, 2026
कभी ऐसे चल पड़ा था मैं
ज़िन्दगी निकल गई चैन भी मिला नहीं
सोचा:क्या है ज़िन्दगी, जान पाया मैं नहीं।
कभी इस राह पर
चल पड़ा था सब्र कर
दिल में कान्हा को लिया
बंद दरवाज़ा किया
आँख की किनार से
टपका था कुछ प्यार से
वक्त ने पुकार दी रुक न पाया मैं मगर
सूनी सूनी थी डगर नई नई थी डगर।
जिस सिम्त मैं था जा रहा
नज़र को था घुमा रहा
हमराज़ कोई बना नहीं
हमराह कोई दिखा नहीं
मुझको थी न कोई ख़बर
पहुँचूँगा मैं कब किधर
लो आँख बंद हो गईं
लो साँस बंद हो गई।
मैं सम्हल गया गिरता हुआ
मैं बैठ गया लुढ़का हुआ
आँख ऊपर चढ़ गईं
कमर सीधी हो गई
अँधेरा घुलने लग गया
रौशनी में धुल गया
मैं बैठा बैठा जम गया
और सबेरा हो गया!
फ़िर न कह पाया कभी चैन तो मिला नहीं
या कि ज़िन्दगी को पहिचान पाया मैं नहीं।
वाह कान्हा वाह
अजित सम्बोधि
Friday, February 20, 2026
कैसे भुला दूँ तुझे मैं भला
मैं सोता रहा , तू जगता रहा
तू हर दम मुझे लाड़ करता रहा
अब कैसे भुला दूँ, तुझे मैं भला
साँस बनकर मेरी, तू बहता रहा।l
मैं लड़ता रहा और झगड़ता रहा
ख़िलक़त की दौड़ में दौड़ता रहा
तू हर वक़्त ख़ैरख़्वाह बन कर रहा
दिल की धड़कन बन धड़कता रहा।
क्या कुछ नहीं दे दिया तूने मुझे
सूरज आता रोज़ जगाने को मुझे
यामिनी आती है सुलाने को मुझे
मुफ़्त में मिलतीं ये ख़िदमात मुझे।
पेड़ों को देखो खड़े रहते उम्र भर
धूप हो सर्दी हो बरखा हो जी भर
देते छाया, फूल, फल झोली भर
और रूह ए रवाँ संजीवनी उम्र भर।
तू हयात बख़्श, सब बख़्शा रहा है
बिना माँगे ख़ुद ही अता कर रहा है
कैसे कोई भुला सकता है तुझको
नक़द दम उदर, परवरिश कर रहा है।
ख़िलक़त = दुनियाँ।ख़ैरख़्वाह = भला चाहने वाला।
यामिनी = रात।ख़िदमात = सेवायें।रूह ए रवाँ = प्राणवायु, O2.
संजीवनी = जीवन देने वाली। हयात बख़्श = जीवनदाता।
अता = देना।नक़द दम = अकेला।उदर = पेट।परवरिश = nourish.
मुरीद ए ताउम्र = सारी उम्र का follower.
मुरीद ए ताउम्र
अजित सम्बोधि
Monday, February 16, 2026
मेरा दोस्त घनश्याम!
Sunday, February 8, 2026
Happy Birthday Arunima!
you are the rosiness of the rising sun
the sun that gives life to all, bars none
i wish happy birthday to you arunima
let rosiness touch the lives of everyone!
life is an invaluable gift given by god
some become uneasy if i mention god!
i don’t know what’s your take on god
but i am sure he has bestowed his nod!
there’s an intelligence that runs the show
your yen word for it out of the long row?
we are indebted to it, you subscribe to it?
do untold trips round the sun! flow, flow!
wish you a happy birthday again, arunima
nana
