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Wednesday, January 21, 2026

जनम दिन मुबारक हो

 जन्म दिन  मुबारक  हो दिव्या तुमको 

ख़ुशियों का अम्बार मिल जाये तुमको 

वक़्त की मेहरबानियाँ ऐसी हों तुम पर 

बख़्शिश ए रब सब मिल जाँय तुमको!


 ये जो ज़िन्दगी मिली है, है बड़ी सौगात 

हर रोज़ सूरज की किरणें लातीं हैं प्रभात 

हर रोज़ एक नई ज़िन्दगी मिलती है हमको 

ये प्रभात है याकि तवील ए उम्र की बारात?


ख़ुशियाँ तुम्हारी होती हैं ख़ुशियाँ हमारी भी 

टकराके तुमसे, वो आतीं जानिब हमारी भी 

ये प्रभात की खुशियाँ तुमको सजाया करें 

ताकि चेहरा तुम्हारा मुस्कुराना न भूले कभी!


बख्शिश ए रब = god’s gift. सौगात = gift.

तवील ए उम्र = उम्र की लम्बाई।जानिब = दिशा में।


सदा मुस्कुराती रहो बिटिया 

पापा 

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