जन्म दिन मुबारक हो दिव्या तुमको
ख़ुशियों का अम्बार मिल जाये तुमको
वक़्त की मेहरबानियाँ ऐसी हों तुम पर
बख़्शिश ए रब सब मिल जाँय तुमको!
ये जो ज़िन्दगी मिली है, है बड़ी सौगात
हर रोज़ सूरज की किरणें लातीं हैं प्रभात
हर रोज़ एक नई ज़िन्दगी मिलती है हमको
ये प्रभात है याकि तवील ए उम्र की बारात?
ख़ुशियाँ तुम्हारी होती हैं ख़ुशियाँ हमारी भी
टकराके तुमसे, वो आतीं जानिब हमारी भी
ये प्रभात की खुशियाँ तुमको सजाया करें
ताकि चेहरा तुम्हारा मुस्कुराना न भूले कभी!
बख्शिश ए रब = god’s gift. सौगात = gift.
तवील ए उम्र = उम्र की लम्बाई।जानिब = दिशा में।
सदा मुस्कुराती रहो बिटिया
पापा

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