गुले सुर्ख़ हो तुम, गुले जाफ़री
मेरी गुंचा हो तुम, मेरी शायरी
लख़्त ए जिगर हो मेरी लाड़ली
तुम्हीं से सजी है मेरी फुलवारी
अगर कोई तुमको हटाये डगर से
अगर कोई तुमको गिराये नज़र से
न आँसू बहाना न दिल को दुखाना
चमनआरा तेरा, मुझे याद करना।
गुलूसोज़ हो, मेरी गुलरोज़ हो
गुल्फ़िशाँ हो, सरफ़राज़ हो
सहरा में सहारा, हमराज़ हो
तुम ही तो मेरी इम्तियाज़ हो
अगर कोई तुमसे हटा ले सिपर
अपना कोई तुमसे जुदा हो जिगर
न आँसू बहाना, न दिल को दुखाना
बागबाँ हूँ तिरा, मुझे याद करना।
मेरी जुस्तजू हो, मेरी रग ए गुलू हो
मेरी आरज़ू हो, मेरी ख़ुशगुलू हो
तिशनगी बुझाने तिशनागुलू की
गुलशन में बहती एक गुलूल हो
अगर कोई वादे से जाये मुकर
अगर कोई अपने से छोड़े सफ़र
न आँसू बहाना, न दिल को दुखाना
गुलचीं हूँ तेरा, मुझे याद करना।
गोदी में तुमको खिलाया है मैंने
कंधे से तुमको लगाया है मैंने
लोरी सुनाके सुलाया है मैंने
अश्कों को तेरे पोंछा है मैंने
अगर कोई कभी भी तुमको रुलाये
ज़रे जाफ़री की जमैयत मिटाये
न अश्कों को पीना, न जी को दुखाना
अब्बू हूँ तेरा, तू मुझको बताना।
गुले सुर्ख़ = गुलाब का फूल। गुले जाफ़री = केसर का फूल।
गुंचा = कलिका। लख़्त ए जिगर = जिगर का टुकड़ा।
चमनआरा = बाग़बान।गुलूसोज़ = गुलरोज़ = फुलझड़ी।
गुल्फ़िशाँ = रोशन झड़ी। सरफ़राज़ = ऊँचे सर वाली।
सहरा = desert devoid of oases. हमराज़ = राज़दार।
इम्तियाज़ = पहचान। सिपर = सुरक्षा कवच।
जुस्तजू = तलाश।रग ए गुलू = सबसे मुख्य नाड़ी।
आरज़ू = मिन्नत। ख़ुशगुलू = dulcet throated.
तिशनगी = प्यास।तिशनागुलू = प्यासा।गुलशन = बाग़।
गुलूल = streamlet meandering through trees.
ग़ुलचीं = nursery man.अश्कों = आँसुओं।
ज़रे जाफ़री = खरा सोना।जमैयत = status.अब्बू = पिता।
आमीन = so be it! a prayer to the almighty!
आमीन
अजित सम्बोधि

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